B.Ed 1 Year Course: आज के समय में टीचिंग लाइन युवाओं के बीच सबसे भरोसेमंद करियर विकल्पों में से एक बन चुकी है। लेकिन लंबे समय तक 2 वर्षीय B.Ed कोर्स होने की वजह से कई छात्र समय और खर्च के कारण पीछे रह जाते थे। अब नई शिक्षा नीति 2020 के तहत 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को दोबारा शुरू करने की चर्चा ने छात्रों के बीच नई उम्मीद जगा दी है।
यह फैसला खास तौर पर उन युवाओं के लिए राहत भरा माना जा रहा है जो जल्दी नौकरी पाना चाहते हैं और कम बजट में शिक्षक बनने का सपना पूरा करना चाहते हैं। कम फीस, कम समय और आधुनिक प्रशिक्षण के कारण यह कोर्स शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। आइए जानते हैं इस नए अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी आसान और सरल भाषा में।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स की वापसी क्यों मानी जा रही है बड़ा बदलाव
नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को ज्यादा व्यावहारिक और स्किल आधारित बनाना है। इसी सोच के साथ 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को फिर से शुरू करने की पहल की गई है। पहले दो साल का कोर्स पूरा करने में छात्रों का काफी समय लग जाता था, जिससे नौकरी में देरी होती थी।
अब कम अवधि में ट्रेनिंग पूरी होने से स्कूलों में शिक्षकों की कमी को जल्दी पूरा किया जा सकेगा। साथ ही डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है, जिससे नए शिक्षक बदलते समय के अनुसार तैयार होंगे।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स 2026 – पात्रता और जरूरी योग्यता
इस कोर्स में प्रवेश के लिए पात्रता को सरल रखा गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा अभ्यर्थी इसका लाभ उठा सकें।
- चार वर्षीय ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री
- सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50% अंक
- आरक्षित वर्ग के लिए 45% अंक
- आयु सीमा नहीं, किसी भी उम्र के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं
यह नियम उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो पहले किसी कारण से B.Ed नहीं कर पाए थे।
कोर्स फीस 2026 – कम खर्च में पूरी होगी ट्रेनिंग
इस बार फीस को काफी किफायती रखने पर जोर दिया गया है ताकि मध्यम वर्ग के छात्र भी आसानी से एडमिशन ले सकें।
| कॉलेज का प्रकार | अनुमानित फीस |
|---|---|
| सरकारी संस्थान | ₹20,000 – ₹25,000 |
| निजी संस्थान | ₹25,000 – ₹30,000 |
कुछ राज्यों में छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता योजनाएं भी लागू हो सकती हैं, जिससे छात्रों का खर्च और कम हो सकता है।
आवेदन प्रक्रिया – ऐसे करें 1 वर्षीय B.Ed में ऑनलाइन अप्लाई
एडमिशन प्रक्रिया काफी आसान और पारदर्शी रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।
- NCTE से मान्यता प्राप्त कॉलेज की वेबसाइट खोलें
- ऑनलाइन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन शुल्क जमा करें
- मेरिट लिस्ट या प्रवेश परीक्षा का इंतजार करें
- चयन होने पर फीस जमा कर सीट कन्फर्म करें
ध्यान रखें कि आवेदन करने से पहले कॉलेज की मान्यता जरूर जांच लें।
पाठ्यक्रम और ट्रेनिंग – क्या पढ़ाया जाएगा
1 वर्षीय B.Ed कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्रों को कम समय में ज्यादा प्रैक्टिकल अनुभव मिले।
- शिक्षा के सिद्धांत और इतिहास
- बाल मनोविज्ञान और व्यवहार
- डिजिटल लर्निंग और स्मार्ट टीचिंग तकनीक
- स्कूल इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
- मूल्यांकन और क्लास मैनेजमेंट
इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को वास्तविक स्कूल माहौल में पढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।
B.Ed के बाद करियर ऑप्शन और सैलरी की संभावनाएं
कोर्स पूरा करने के बाद कई तरह के करियर विकल्प खुल सकते हैं।
- CTET / TET पास कर सरकारी शिक्षक बनने का मौका
- निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में नौकरी
- ऑनलाइन टीचिंग प्लेटफॉर्म पर अवसर
- आगे M.Ed या रिसर्च के विकल्प
शुरुआती वेतन लगभग ₹30,000 से ₹50,000 तक हो सकता है, जो अनुभव के साथ बढ़ता जाता है।
क्या अभी 1 वर्षीय B.Ed करना सही फैसला है
अगर आप कम समय में स्थिर करियर चाहते हैं तो 1 वर्षीय B.Ed कोर्स एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। शिक्षा क्षेत्र में लगातार बढ़ती मांग और नई नीतियों के कारण आने वाले समय में प्रशिक्षित शिक्षकों की जरूरत और बढ़ने की संभावना है।
इसलिए जो युवा टीचिंग लाइन में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स समय और पैसों दोनों की बचत करते हुए एक मजबूत शुरुआत दे सकता है।
सलाह: एडमिशन लेने से पहले हमेशा आधिकारिक नोटिस और NCTE की गाइडलाइन जरूर चेक करें, ताकि सही और मान्यता प्राप्त संस्थान का चयन किया जा सके।